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इंदौर: गोकुलदास अस्पताल का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त, कोरोना अस्पताल की श्रेणी से हटने की ‘जल्दी’ में थे

इंदौर. कोरोना संदिग्धों के इलाज के लिए चिह्नित यलो श्रेणी के गोकुलदास अस्पताल में गुरुवार को एक घंटे में तीन मरीजों की मौत के बाद हंगामा हो गया। सिर्फ चार-पांच घंटे में ही यहां 4 मरीजों ने दम तोड़ दिया। मृतकों के परिजन ने अस्पताल पर आरोप लगाया कि यलो कैटेगरी से ग्रीन में आने की जल्दी में लापरवाही बरती जा रही है। एक युवती ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया

वीडियो में परिजन बोले- हमें बाहर कर सैनिटाइजेशन करना चाहते हैं

युवती : यह देखिए अस्पताल की कंडीशन। एक के बाद एक सबकी डेथ होती जा रही है।
युवक : दस मिनट पहले अम्मी से बात की। उन्होंने कहा कि अच्छी हूं और दस मिनट बाद स्टॉफ बोलता है कि अम्मी की डेथ हो गई।
एक व्यक्ति: दो दिन पहले बोला था कि यह ग्रीन अस्पताल होने जा रहा है। सैनिटाइज करेंगे।
युवती: 
आधे घंटे में तीन की मौत हो गई। वो बाजी रोती हुई आ रही हैं। इनका मरीज 24 दिन से भर्ती था। मेरे भी पापा की डेथ हो गई है।
गोविंद प्रजापत : चार बजे तक पापा ठीक थे, कुछ देर बाद स्टॉफ बोलता है, नहीं रहे।

एक अन्य व्यक्ति: इनको अस्पताल खाली करना था तो हमें कहीं और शिफ्ट कर देते। ऐसा भी नहीं है कि हम पैसा नहीं दे रहे थे।

जिन 4 की मौत, उनमें 3 की रिपोर्ट निगेटिव, एक की आना बाकी है

1. परसराम वर्मा (54) निमोनिया से दोनों लंग्स खराब हो गए थे। सुबह 11.30 बजे मौत हुई। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
2. आबिदा बी (74) इन्हें भी निमोनिया व लंग्स में समस्या थी। दोपहर करीब 3.30 बजे मौत। कोरोना की रिपोर्ट आना बाकी।
3. भंवरलाल प्रजापत (78)हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ह्रदय रोग। शाम करीब 4.45 बजे मौत। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई।
4. सलमा बी (55) हाइपरटेंशन, लंग्स, डायबिटीज की समस्या थी। शाम करीब पांच बजे मौत। कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव।

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