Tuesday, November 30, 2021
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इंदौर में सेक्स रैकेट :NGO की आड़ में पत्नी गरीब लड़कियों को बांग्लादेश से भेजती, मध्यप्रदेश में उसके करीब 500 एजेंट

मोमिनुल (40) ने पुलिस को बताया कि 1994 में वह बांग्लादेश से भारत में पश्चिम बंगाल के कृष्णा घाट नदी पर आया था। यहां मजदूरी करने लगा। इसके बाद वह मुंबई चला गया। वहां होटल में काम करने लगा। वहीं उसने एक युवती से शादी कर ली। वह बांग्लादेश भी जाता रहता था। वहां भी उसने ज्योत्सना नाम की युवती से शादी की है। बांग्लादेश में वह NGO चलाती है। यह NGO महिला कल्याण के लिए काम करती है। इसी के जरिए वह बेसहारा और गरीब लड़कियों को घरेलू काम करने के बहाने भारत बुलाता था।

पांच हजार से ज्यादा लड़कियों की खरीद फरोख्त में गिरफ्तार विजय दत्त उर्फ मामनूर उर्फ मामून पत्नी जौशना के जरिए लड़कियां खरीदता था। बांग्लादेश के कछारीपारा में रहने वाली जौशना महिला उत्थान के लिए एनजीओ चलाती है। वह एनजीओ की आड़ में गरीब और मजबूर लड़कियां चिन्हित घरेलू काम व पार्लर में काम के बहाने भारतीय सीमा में मामून सुपुर्द कर देती थी। आरोपित उनके फर्जी आइडी कार्ड तैयार कर देश के विभिन्न शहरों में सक्रीय दलालों के पास भिजवा देता था। पूछताछ में बताया कि उसके करीब 500 दलाल तैयार हो चुके है जिसमें कई शहरों की कमान लड़कियों के हाथों में है।

SP ASUTOSH BAGRI

आइजी हरिनारायणाचारी मिश्र के मुताबिक मामून सालों से लड़कियां सप्लाय कर रहा था लेकिन हमेशा पर्दे के पीछे ही रहा। पिछले वर्ष अक्टूबर में जब बांग्लादेशी लड़कियां पकड़ी तो कहा वह विजय का ‘स्टाफ’ है। लड़कियां उसका असली नाम नहीं जानती थी। आरोपित को पकड़ने के लिए एसआइटी का गठन कर आपरेशन ‘तलाश’ नाम रखा गया। विजय नगर थाना टीआइ तहजीब काजी ने एसआइ प्रियंका शर्मा और प्रधान आरक्षक भरत बड़े, आरक्षक कुलदीप, उत्कर्ष की टीम मुंबई भेजी। नाला सुपारा क्षेत्र में एक रूम किराये से लिया और देह व्यापार में लिप्त दलालों से कहा कि वह उप्र से लड़की (एसआइ) लेकर आए हैं।

सरगना के लिए बिछाया जाल


सरगना मोमिनुल का गिरोह मुंबई के नालासोपारा में सक्रिय था। उसे पकड़ने के लिए सीनियर अधिकारी और जांच एजेंसियों ने टीम गठित की। इसमें हेड कॉन्स्टेबल भरत बड़े, SI प्रियंका शर्मा, कुलदीप और उत्कर्ष को मुंबई रवाना किया गया। पुलिसकर्मियों ने नाम बदलकर यहां किराए का कमरा लिया। इसके बाद सरगना विजय दत्त उर्फ मोमिनुल की खोज शुरू की। नालासोपारा की तंग गलियों में एक सप्ताह की रैकी की। हेड कॉन्स्टेबल भरत ने बांग्लादेशी व्यक्ति बनकर एसआई प्रियंका को बेचने की अफवाह फैलाई, लेकिन मोमिनुल इतना शातिर था कि वह भागकर इंदौर आ गया। इसकी जानकारी इंदौर पुलिस को दे दी गई। यहां बुधवार को कालिंदी गोल्ड इलाके से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

Momin urf Vijay

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