Homeउत्तराखंडकोटद्वार : कहानी सैनिटाइजर घोटाला

कोटद्वार : कहानी सैनिटाइजर घोटाला

लेखक- मुजीब नैथानी

आखिरकार गरीब पर गिर गई गाज सुनिए कहानी सैनिटाइजर की

एक परसेंट (NaClO)वाला सोडियम हाइपो क्लोराइड नगर निगम कोटद्वार ही सेनेटाइजर बता कर खरीद सकता है। और #थानेदार की #तफ्तीश के हिसाब से उनका नाम #पदम् #श्री के लिए भेजा जाने के लिए हम कल डीजीपी अशोक कुमार जी को लिखेंगे और ऐसे #महान #इन्वेस्टिगेटर को #पीपीएस #पद पर #पदोन्नति दी जाने की सिफारिश करेंगे।

तहसीलदार साहब कोटद्वार ने कह दिया है कि जो किया थानेदार ने किया है वही कमेटी के अध्यक्ष हैं ।

नगर निगम हल्द्वानी का टेंडर देखिये यह स्पष्ट कर देता है कि एक परसेंट हाइपो क्लोराइड दरअसल कोई चीज नहीं होती। हाइपो क्लोराइड सॉल्यूशन जिसका फार्मूला Naclo या Naocl होता है में 8 से दस प्रतिशत क्लोरीन मिलाने पर यह मिश्रण सेनेटाइजर का काम करता है। एक परसेंट हाइपो क्लोराइड का मतलब यही है कि आप नमक खरीदने बाजार जाओ और कहो कि भाई एक प्रतिशत नमक दे दे।

इतने महान थानेदार जिसकी महान तफ्तीश ने बजाय पार्षदों के दिये गए प्रार्थनापत्र के आधार पर कार्यवाही करने और दिए गए बयानों पर तफ्तीश करने के इस प्रकरण में उक्त पानी को सेनेटाइजर बता दिया।
विदित हो कि 27 रुपये लीटर वाला सेनेटाइजर की खरीद 60 रुपये लीटर पर की गई। मगर महान इन्वेस्टिगेटर द्वारा इस तथ्य को दबा दिया गया है।

जिस पानी को निगम के अधिकारी पार्षदों के सामने सेनेटाइजर नहीं बता पाए। खुद सप्पलाई करने वाला ठेकेदार पानी को सेनेटाइजर नहीं बता पाया। महान थानेदार महोदय ने जादू की छड़ी से उसे सेनेटाइजर बता दिया।
और इसका जिम्मेदार एक चौकीदार को बता दिया जिसका इस सम्बंध में कोई मोटिव जाहिर नहीं हुआ। साथ ही साथ गवाहों के बिना बयान के जाँच पूरी कर ली।
ऐसे तेज तर्रार अधिकारी उत्तराखण्ड पुलिस में क्या कर रहे हैं इन्हें तो #सीबीआई या #रॉ में होना चाहिए।
हमारी शुभ कामनायें इनके साथ हैं ।

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